शुरू के मसीहियों ने दुनिया के सबसे दूर के इलाकों में जाकर राज की खुशखबरी सुनायी। यीशु उन्हें बताता रहा कि उन्हें कहाँ-कहाँ प्रचार करना है। उसने चमत्कार से उन्हें लोगों को उनकी अपनी भाषा में सिखाने की काबिलीयत दी। जब उन्हें बुरी तरह सताया गया तो यहोवा ने उन्हें इसका सामना करने की हिम्मत दी।

यीशु ने प्रेषित यूहन्‍ना को यहोवा की महिमा का दर्शन दिखाया। एक और दर्शन में यूहन्‍ना ने देखा कि स्वर्ग के राज ने शैतान को हरा दिया और उसकी हुकूमत को हमेशा के लिए मिटा दिया। यूहन्‍ना ने यह भी देखा कि यीशु राजा बनकर राज कर रहा है और उसके साथ 1,44,000 जन भी राज कर रहे हैं। यूहन्‍ना ने दर्शन में यह भी  देखा कि पूरी धरती एक फिरदौस बन गयी है और सब लोग शांति और एकता से यहोवा की उपासना कर रहे हैं।