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यहोवा के साक्षी

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बाइबल से सीखें अनमोल सबक

शासी निकाय का खत

शासी निकाय का खत

प्यारे भाइयो और बहनो:

हम यहोवा की उपासना करते हैं। इसलिए हम उसके वचन बाइबल से गहरा लगाव रखते हैं। हमें पूरा यकीन है कि इसमें दिया इतिहास बिलकुल सही है, यह ज़िंदगी के लिए सही मार्गदर्शन देती है और इस बात के सबूत देती है कि यहोवा सभी इंसानों से बहुत प्यार करता है। (भजन 119:105; लूका 1:3; 1 यूहन्‍ना 4:19) हमारी यह इच्छा है कि हम दूसरों को भी बाइबल की अनमोल सच्चाइयाँ जानने में मदद करें। इसलिए आप तक यह किताब, बाइबल से सीखें अनमोल सबक पहुँचाते हुए हमें बड़ी खुशी हो रही है। आइए देखें कि इस किताब में क्या है।

यह किताब खासकर बच्चों के लिए तैयार की गयी है। मगर जो बड़े लोग बाइबल के बारे में जानने चाहते हैं, वे भी इस किताब से सीख सकते हैं। बाइबल सबके लिए है। इसलिए इस किताब में दिए सबक पर ध्यान देने से हम सब फायदा पा सकते हैं। हम सीख सकते हैं कि सच्ची खुशी कैसे पाएँ।

इस किताब में इंसान की सृष्टि के समय से हुई घटनाएँ बतायी गयी हैं। बाइबल में बतायी इन घटनाओं को सरल और साफ शब्दों में लिखने की कोशिश की गयी है। इसके अलावा, ये घटनाएँ जिस क्रम में घटी थीं उसी क्रम में लिखने की पूरी कोशिश की गयी है।

मगर यह किताब बाइबल के वाकयों की सिर्फ जानकारी ही नहीं देती। यह इस अंदाज़ में लिखी गयी है और इसमें ऐसी तसवीरें हैं, जिससे उन वाकयों की जीती-जागती तसवीर हमारे सामने उभर आती है और हम बाइबल के किरदारों की भावनाएँ महसूस कर पाते हैं।

इस किताब से हम समझ पाएँगे कि बाइबल ऐसे लोगों के बारे में बताती है जिनसे हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। इसमें हम दोनों तरह के लोगों के बारे में पढ़ते हैं, यानी वे लोग जिन्होंने यहोवा की आज्ञा मानी थी और वे भी जिन्होंने नहीं मानी थी। (रोमियों 15:4;  1 कुरिंथियों 10:6) इस किताब में 14 भाग हैं। हर भाग की शुरूआत में चंद शब्दों में बताया गया है कि उसमें हमें क्या-क्या सीख मिलेगी।

अगर आपके बच्चे हैं तो आप उन्हें इसमें दिया पाठ पढ़कर सुना सकते हैं और तसवीरों पर चर्चा कर सकते हैं। फिर आप उनके साथ मिलकर बाइबल से वे आयतें पढ़ सकते हैं जिनसे वह कहानी ली गयी है। अपने बच्चों को यह समझने में मदद दीजिए कि इस किताब में दिया हर सबक बाइबल से है। जब आप किसी बड़े व्यक्‍ति को इस किताब से समझाते हैं तब भी यही तरीका अपनाना सही होगा।

हम उम्मीद करते हैं कि इस किताब से सभी नेकदिल लोगों को, फिर चाहे वे उम्र में छोटे हों या बड़े, परमेश्‍वर के वचन से सीखने और सीखी बातों को ज़िंदगी में लागू करने में मदद मिलेगी। तब वे भी परमेश्‍वर के परिवार का हिस्सा बनकर उसकी उपासना कर पाएँगे।

आपके भाई,

यहोवा के साक्षियों का शासी निकाय