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यहोवा के साक्षी

हिंदी

परमेश्वर की तरफ से खुशखबरी!

 पाठ 4

यीशु मसीह कौन है?

यीशु मसीह कौन है?

1. यीशु को किसने बनाया?

यीशु के किन गुणों की वजह से लोग बेझिझक उसके पास जाते थे?—मत्ती 11:29; मरकुस 10:13-16.

यीशु आम इंसानों से अलग था। धरती पर आने से पहले, वह स्वर्ग में एक आत्मिक व्यक्‍ति के तौर पर जीया। (यूहन्ना 8:23) सबसे पहले परमेश्वर ने यीशु को बनाया। अपनी सृष्टि के बाद यीशु ने बाकी सभी चीज़ें बनाने में परमेश्वर का हाथ बँटाया। उसे परमेश्वर का ‘इकलौता बेटा’ कहा गया है क्योंकि सिर्फ उसे ही यहोवा ने खुद बनाया था। (यूहन्ना 1:14) यीशु परमेश्वर की ओर से बोलता था, इसलिए उसे “वचन” भी कहा गया है।—नीतिवचन 8:22, 23, 30; कुलुस्सियों 1:15, 16 पढ़िए।

2. यीशु धरती पर क्यों आया?

अपने बेटे को धरती पर भेजने के लिए परमेश्वर ने उसका जीवन मरियम नाम की एक कुँवारी यहूदी स्त्री के गर्भ में डाला। इसलिए यीशु का पिता कोई इंसान नहीं था। (लूका 1:30-35) यीशु धरती पर इसलिए आया ताकि वह (1) लोगों को परमेश्वर के बारे में सच्चाई सिखाए, (2) मुश्किलों के बावजूद परमेश्वर की मरज़ी पूरी करने में हमारे लिए एक अच्छी मिसाल रखे और (3) अपने सिद्ध जीवन को “फिरौती” के रूप में दे दे।—मत्ती 20:28 पढ़िए।

3. हमें फिरौती की ज़रूरत क्यों है?

किसी इंसान की जान के बदले दी जानेवाली कीमत को फिरौती कहते हैं। (निर्गमन 21:29, 30) जब परमेश्वर ने इंसान की सृष्टि की, तो उसका मकसद यह नहीं था कि इंसान बूढ़ा होकर एक दिन मर जाए। हम यह कैसे जानते हैं? परमेश्वर ने पहले इंसान, आदम से कहा कि अगर वह “पाप” करेगा, तो मर जाएगा। इसका मतलब है कि अगर वह पाप ना करता, तो कभी ना मरता। (उत्पत्ति 2:16, 17; 5:5) बाइबल बताती है कि आदम के ज़रिए मौत मानवजाति में “आयी।” आदम ने अपने सभी बच्चों को पाप और उससे मिलनेवाली सज़ा, मौत विरासत में दी। आदम से मिली मौत  की सज़ा से छुटकारा पाने के लिए हमें फिरौती की ज़रूरत है।—रोमियों 5:12; 6:23 पढ़िए।

हमें मौत से छुड़ाने के लिए कौन अपनी जान फिरौती के रूप में दे सकता था? हमारी मौत सिर्फ हमारे अपने ही पापों का हरजाना भर सकती है इसलिए कोई भी असिद्ध इंसान दूसरों के पापों की कीमत नहीं चुका सकता।—भजन 49:7-9 पढ़िए।

4. यीशु क्यों मरा?

यीशु हम इंसानों की तरह असिद्ध नहीं था, वह सिद्ध था। उसने कभी कोई पाप नहीं किया था, इसलिए उसकी मौत नहीं होनी चाहिए थी। लेकिन फिर भी वह दूसरों के पापों के लिए मरा। परमेश्वर ने अपने बेटे को हमारी खातिर मरने के लिए भेजकर अपने बेशुमार प्यार का सबूत दिया। अपने पिता की आज्ञा के मुताबिक हमारे लिए अपनी जान देकर यीशु ने भी प्यार ज़ाहिर किया।—यूहन्ना 3:16; रोमियों 5:18, 19 पढ़िए।

5. यीशु अब क्या कर रहा है?

जब यीशु धरती पर था, तब उसने बीमारों को चंगा किया, मरे हुओं को ज़िंदा किया और लोगों की दुख-तकलीफें दूर कीं। इस तरह उसने दिखाया कि वह परमेश्वर की आज्ञा माननेवाले इंसानों के लिए भविष्य में क्या करेगा। (मत्ती 15:30, 31; यूहन्ना 5:28) यीशु के मरने के बाद, परमेश्वर ने उसे एक आत्मिक व्यक्‍ति के तौर पर दोबारा जीवन दिया। (1 पतरस 3:18) फिर यीशु परमेश्वर की दायीं तरफ जा बैठा और उस वक्‍त का इंतज़ार करने लगा जब यहोवा उसे पूरी धरती पर राज करने का अधिकार देता। (इब्रानियों 10:12, 13) यीशु अब स्वर्ग में राजा के तौर पर राज कर रहा है, और उसके चेले पूरी दुनिया में इस खुशखबरी का ऐलान कर रहे हैं।—दानियेल 7:13, 14; मत्ती 24:14 पढ़िए।

बहुत जल्द यीशु राजा की हैसियत से अपने अधिकार का इस्तेमाल करके हर तरह की दुख-तकलीफ और उसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को खत्म कर देगा। जो यीशु पर विश्वास करते हैं और उसकी आज्ञा मानते हैं, वे सब इस धरती पर फिरदौस में जीवन का आनंद उठाएँगे।—भजन 37:9-11 पढ़िए।