Skip to content

क्या दुख-दर्द कबि खतम ह्‌वाला?

क्या दुख-दर्द कबि खतम ह्‌वाला?

आप थैं क्या लगदु . . .

  • हाँ?

  • न?

  • शायद?

 ये बारा मा भगवान क्या बोलणु च?

भगवान इंसानो “का आंखो का सब आंसु पोंजी द्यालु: फिर न ता मृत्यु रैली अर न क्वी शोक विलाप अर न ता पीड़ा रैली।”​—प्रकाशितवाक्य 21:3, 4, गढ़वाली बाइबिल.

अगर हम ईं बात माणदा त हमतै क्या फैदा होलु?

हमथैं समझ मिललि की भगवान हम पर दुख-दर्द नि लान्दुं।—याकूब 1:13.

हमथैं चैन मिललु की भगवान हमारु दुख-दर्द समझदु च।—1 पतरस 5:7.

हम विश्‍वास कै सकलां कि सब दुख-बिमारी जरूर खतम ह्‌वे जाली।—मत्ती 5:5; 2 पतरस 2:9.

 यूँ बातों पर हम कनकै भरोसु कर सकदा?

जरा द्वी कारणो पर ध्यान द्‌यावा:

  • भगवान दुख अर अन्याय से नफरत करदु च। जब लोगों दगड़ बुरु बरताव हूंद त भगवान तड़फदु च। पवित्र शास्त्र मा लिख्युं च कि वेन “अपंणा लोगों कि दशा तैं देखेलि अर ऊंको रोंण अर कणाण सूंणेलि।”—प्रेरितों के काम 7:34.

    जु लोग कैथै तकलीफ देंदा, भगवान ऊँ थैं पसन्द नि करदु। भगवान बोलदुं, “बदला लेंण मेरु काम च, . . . मी हि बदला ल्यूलु।”—रोमियों 12:19.

  • भगवान थैं सब लोगों की चिंता च। हम सबु पर क्या बितणी च भगवान अच्छी तरह जांणदु।—1 पतरस 5:7.

    बहोत जल्दी यहोवा भगवान ईं धरती मा राज कनवालु च अर वो हमारा सबि दुख दूर कर देलु। (मत्ती 6:9, 10) जबरि तक उ वक्‍त नि आलु, तबरि तक वो ऊं सबि लोगों थैं ताकत देलु जु वे थैं सच्चा दिल से जाणना चांदा।—प्रेषितों 17:27; 2 कुरिंथियों 1:3, 4.

 जरा सोचा

भगवानन दुख-दर्द किलै रण दिंनी?

युं सवालुं कुं जवाब पवित्र शास्त्र की युं आयतों मा दियां छन: रोमियों 5:12 अर 2 पतरस 2:9.